
हमारा दर्शन
आनंदम फ़ाउंडेशन किसी एक धर्म या मान्यता पर आधारित नहीं है।
यह पूरे विश्व के समय-सिद्ध आध्यात्मिक ज्ञान और साधना-विधियों को अपनाता है — कृष्ण, शिव, राम, गौतम बुद्ध, महावीर, गुरु नानक, जीसस, ज़ेन, ताओ और आधुनिक गुरुओं से प्रेरणा लेते हुए — और आस्था या कर्मकांड के बजाय प्रत्यक्ष अनुभव, जागरूकता, ध्यान और सचेत जीवन पर ध्यान केंद्रित करता है।
ध्यान और आंतरिक विज्ञान
ऐसी व्यावहारिक विधियाँ जो रोज़मर्रा के जीवन में काम करती हैं।
रूपांतरण के लिए साधना
क्रमबद्ध स्तर, जो कदम-दर-कदम गहराई में ले जाते हैं।
सुनहरे कुर्ते में आनंदो, एक बगीचे में बैठे मुस्कुराते हुए
मिशन और दृष्टि
हमारा मिशन है मानव क्षमता को जगाना
आनंदो का मिशन है 1,00,000 प्रबुद्ध आत्माओं को जगाना, जो सफलता, जागरूकता और उद्देश्य के साथ जीवन जिएँ — 200% सफलता (100% भौतिक + 100% आध्यात्मिक) और 300% सफलता (उस सफलता को बाँटकर संसार का उत्थान)।
दृष्टि
1,00,000
प्रबुद्ध आत्माएँ
जो सफलता, जागरूकता और उद्देश्य के साथ जीवन जिएँ
मिशन
200%
सफलता
100% भौतिक + 100% आध्यात्मिक
सेवा
300%
सफलता
उस सफलता को बाँटकर संसार का उत्थान

मार्गदर्शक
आनंदो
पूर्व में महर्षि आलोक जी और स्वामी आलोक जी के नाम से प्रसिद्ध
वर्षों से आनंदो पूरे भारत में व्यक्तियों और समूहों को ध्यान, जागरूकता और आध्यात्मिक संतुलन के मार्ग पर ले जा रहे हैं — सरल किंतु प्रभावशाली साधनाओं के माध्यम से साधकों को स्पष्टता, संतुलन और आंतरिक जागरण का अनुभव कराते हुए।
हमारी यात्रा
आंतरिक पुकार से सामूहिक जागरण तक
I
आंतरिक पुकार
उत्तर भारत में व्यक्तिगत मार्गदर्शन और साधकों के छोटे-छोटे समागम।II
सामूहिक विकास
एक सत्संग बना; हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में क्रमबद्ध कार्यशालाएँ फैलीं।III
आनंदम फ़ाउंडेशन
बड़े स्तर पर समाज की सेवा के लिए फ़ाउंडेशन की औपचारिक स्थापना हुई।IV
डिजिटल उपस्थिति
YouTube और सोशल मीडिया के माध्यम से ज्ञान और निर्देशित ध्यान व्यापक जनसमूह तक पहुँचे।V
ऑनलाइन कार्यक्रम
पॉडकास्ट, ऑनलाइन ध्यान और वर्चुअल कार्यक्रम अनेक शहरों और देशों के साधकों तक पहुँचते हैं।VI
केंद्र
सिरसा के पास 7 एकड़ के ध्यान एवं समग्र जीवन केंद्र का निर्माण आरंभ हुआ।
भीतर से आरंभ करें
